नीम की पत्तियों से होता है BLOOD PURIFY, जानें इसके 8 फायदे


नीम का स्‍वाद जितना कड़वा होता है, उतना ही वह स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद है। नीम कई बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। नीम हमारे शरीर, त्‍वचा और बालों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। बहुत ही कड़वा होने के कारण नीम का सेवन सीधे नहीं किया जा सकता है। नीम का कड़वापन पूरी तरह दूर तो नहीं किया जा सकता, पर कम जरूर किया जा सकता है। नीम के कड़वेपन को दूर कर इसका फायदा उठाने के लिए इसका पानी पिएं। नीम के पानी में पाए जाने वाले स्‍वास्‍थ्‍यवर्धक गुणों के बारे में जानिए।

1-खून साफ करें
 
अगर किसी व्यक्ति का खून साफ न हो तो इसके कारण कई प्रकार की समस्या होने लगती हैं। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और बीमारियों के साथ संक्रमण के होने का खतरा बढ़ जाता है। नीम का पानी एक रक्तशोधक औषधि है। यह एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। साथ ही, कुछ समय तक लगातार नीम के पानी का सेवन कर लेने पर फोड़े-फुंसियों और त्वचा संंबधी अन्य रोगों से छुटाकारा मिल जाता है।

2. नीम का पानी मलेरिया और पीलिया जैसी बीमारियां होने पर फायदेमंद है। अपने एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के कारण यह मलेरिया के लिए जिम्‍मेदार वायरस को बढ़ने से रोकता है और साथ ही लिवर को भी मजबूत बनाता है। पीलिया होने पर नीम की पत्तियों के रस के साथ शहद मिलाकर सेवन करने से यह रोग ठीक हो जाता है।

3. चिकन पॉक्‍स के धब्‍बे बहुत ही खराब होते हैं और ये जल्‍दी समाप्‍त नहीं होते। चिकन पॉक्‍स के निशान को साफ करने के लिए नीम के रस से मसाज करें। नियमित रूप से नीम के रस से चेहरे पर मसाज करने से कुछ दिनों में चिकन पॉक्‍स के धब्‍बे दूर हो जाएंगे। इसके अलावा, नीम का रस त्‍वचा सं‍बधी रोगो, जैसे एक्‍जीमा और स्‍मॉल पॉक्‍स के होने की संभावना को कम करता है।

4. मोबाइल और कम्प्‍यूटर के अधिक इस्तेमाल से आंखों को काफी नुकसान पहुंचता है। नज़र कमजोर हो जाती है। आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए नीम के रस की दो बूंदें आंखों में डालें, इससे रोशनी बढ़ेगी। अगर आपकी आंखों में कंजक्टिवाइटिस रोग हो गया है, तो नीम के पानी का प्रयोग करने से वह ठीक हो जायेगा

5. मधुमेह एक खतरनाक बीमारी है और अनियमित दिनचर्या के कारण इसके मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। ब्‍लड में शुगर की मात्रा बढ़ने से डायबिटीज बीमारी होती है। अगर आप रोजाना नीम का रस पिएंगे तो आपके ब्‍लड शुगर का स्‍तर नहीं बढ़ेगा और आपको मधुमेह जैसी बीमारी नहीं होगी। मधुमेह के रोगी भी इसका सेवन करके अपने ब्‍लड शुगर के स्‍तर को सामान्‍य रख सकते हैं।

6. मसूड़ों से खून आने और पायरिया होने पर नीम के तने की भीतरी छाल या पत्तों को पानी में डालकर कुल्ला करने से फायदा होता है। इससे मसूड़े और दांत मजबूत होते हैं। नीम के फूलों का काढ़ा बनाकर पीने से भी दांतों की बीमारियों में फायदा होता है। नीम का दातुन रोज करने से दांतों के अंदर पाए जाने वाले कीटाणु नष्ट होते हैं। कुल मिलाकर नीम का किसी भी तरीके से प्रयोग दांतों के लिए फायदेमंद है।

7. नीम का पानी गर्भावस्‍था के दौरान पीने से समय-समय पर योनि में होने वाला दर्द कम हो जाता है। प्रसव के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए नीम के रस से मसाज करना फायदेमंद है। प्रसव के बाद महिला को अगर कुछ दिनों तक नीम का पानी‍ दिया जाए तो इससे उसका खून साफ होता है और संक्रमण से बचाव होता है।

8. नीम का पानी चेहरे को निखारने और कील-मुहांसों की समस्‍या दूर करने के लिए बहुत प्रभावी है। मुहांसों की समस्‍या होने पर नीम का रस चेहरे पर लगाए, इससे मुहांसों की समस्‍या दूर होती है। अगर चेहरे पर नीम के पानी से मसाज किया जाए तो चेहरे की नमी बरकरार रहती है और त्‍वचा में निखार आता है। यह प्राकृतिक रूप से त्‍वचा को निखारने में मदद करता है। इसका साइड इफेक्‍ट भी नहीं होता।

Comments

Popular posts from this blog

Career Opportunities in Fashion Industry